दोस्त से मुलाकात शायरी: The Best Evergreen Friendship Shayari

दोस्त से मुलाकात शायरी दिल की उन भावनाओं को शब्द देती है जो बरसों बाद किसी अपने से मिलने पर खुद-ब-खुद आँखों में उतर आती हैं। दोस्ती की एहसास दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है और जब ज़िंदगी की भागदौड़ थमती है और पुरानी यादें मुस्कुरा कर सामने आती हैं। तब दोस्त से मुलाकात शायरी उस पल को और भी खास बना देती है। हँसी, शरारत, पुराने किस्से और अधूरी बातें, ये सब कुछ एक ही मुलाकात में जिंदा हो उठता है। यह सभी शायरी दिनों बाद मिले दोस्तों के लिए बहुत खास है।

ऐसे लम्हों में दोस्त से मुलाकात शायरी दिल के रिश्तों की गहराई को महसूस कराती है जहाँ वक्त भले ही बदल जाए, दोस्ती वही रहती है। दोस्त से मुलाकात शायरी के जरिए हम उन पलों को संजोते हैं जो हमेशा के लिए यादों में बस जाते हैं। सच कहें तो दोस्त से मुलाकात शायरी दोस्ती के एहसास को शब्दों में ढालने का सबसे खूबसूरत तरीका है।

The Best “दोस्त से मुलाकात शायरी” For You & Your Friends:

दोस्त से मुलाकात शायरी जो दोस्ती की खुशबू, पुरानी यादें और दिल से निकले एहसासों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में बयां करती है।

घड़ी की सुईयाँ जैसे थम सी गई थीं उस मेज़ पर। जहाँ दो दोस्त सालों बाद मिले, मानो लगता वक़्त भी थम सी गई उस एक पल।।

जेबें खाली थीं, मगर दिल बादशाहों सा महसूस हुआ। जब यार गले लगा, तो लगा कि दुनिया का सारा खज़ाना मिल गया।।

हम जल्दी मिलते नहीं है, कमबख्त दुनिया रोज मिलने देता कहा। ज़माना बड़ा ख़राब हैं, इसलिए सिर्फ दोस्त से मिलने पर, मिलती है सुकून बड़ा।।

दुनिया की भीड़ में मुखौटे पहनकर थक गया था मैं। आज दोस्त से मिला, तो लगा कि खुद से मिल लिया हूँ मैं।।

चेहरे बदल गए थे, लकीरें बदल गई थीं वक़्त के साथ। मगर उसकी हँसी की खनक, आज भी रूह को सुकून दे रहीं हैं साहब।।

दोस्त से मुलाकात शायरी जो दोस्ती की खुशबू, पुरानी यादें और दिल से निकले एहसासों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में बयां करती है।

हकीमों ने बहुत नुस्खे बताए थे उदासी के, मगर यार के साथ एक चाय ने सारी बीमारी काट दी।।

लफ़्ज़ कम पड़ गए थे हमारी मुलाकात में, मगर आँखों की चमक ने बरसों की दास्तां सुना दी।।

जम गई थी यादों पर जो वक़्त की धूल। एक ‘गले मिलने’ की रस्म ने सब साफ़ कर दिया।।

भटक रहा था अनजान शहरों में पहचान की तलाश में, दोस्त की आँखों में देखा तो लगा, मैं घर आ गया हूँ।।

सिर्फ़ साँस लेने को ही ज़िंदगी नहीं कहते, पुराने यार से मिलकर जो धड़कन तेज़ हो, असल जीना वो है।।

​Reliving the memories. (पुराने यादे)

दोस्त से मुलाकात शायरी जो दोस्ती की खुशबू, पुरानी यादें और दिल से निकले एहसासों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में बयां करती है।

ज़िंदगी की किताब का वो पन्ना फिर से खुल गया। जिसमें ना फ़िक्र थी कल की, ना दिखी आज का शोर वहाँ।।

सूट-बूट में थे हम दोनों, बड़े सलीकेदार लग रहे थे। याद आता है हमारी कहानी तो हमे ही लगता है, क्या थे हम, क्या हो गए हैं हम।।

दुनिया से हँसी उधार माँगने की ज़रूरत नहीं पड़ी। आज पुराने यार मिले, तो क़िस्तों में नहीं, खुलकर हँसे हैं हम।।

महँगे कैफ़े की कॉफ़ी में वो स्वाद कहाँ। जो टपरी पर खड़े होकर, दोस्त की गालियों में आया।।

बंद पड़ा था जो यादों का संदूक दिल के कोने में। तेरी एक दस्तक ने आज वो सारा खज़ाना लुटा दिया।।

दोस्त से मुलाकात शायरी जो दोस्ती की खुशबू, पुरानी यादें और दिल से निकले एहसासों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में बयां करती है।

किस्से वही पुराने थे, जो सौ बार सुन चुके थे हम। मगर आज फिर दोस्त की जुबानी सुने, तो नए से लगे।।

बारिश तो आज भी होती है शहर में, मगर दोस्त के बिना वो कागज़ की कश्ती अब नहीं चलती।।

हज़ारों पकवान चखे हैं बड़े होटलों में, मगर तेरे टिफिन से चुराए हुए खाने जैसा ज़ायका अब नहीं मिलता।।

गाड़ियों के शीशे चढ़ाकर अब हम रफ़्तार से चलते हैं, मगर दोस्त की साइकिल के पीछे बैठकर दुनिया ज़्यादा साफ़ दिखती थी।।

कैलेंडर की तारीखें बदलती रहीं साल दर साल, मगर हमारी दोस्ती की घड़ी आज भी उसी पुराने वक़्त पर रुकी है।।

​Short & Engaging (Status worthy)

दोस्त से मुलाकात शायरी जो दोस्ती की खुशबू, पुरानी यादें और दिल से निकले एहसासों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में बयां करती है।

ज़िंदगी की बैटरी लो हो गई थी। दोस्त से एक बार मिल लिए, अब फुल चार्ज हो गई।।

मसला ये नहीं कि हम मिले देर से, सुकून ये है कि हम मिले उसी मुस्कुराहट से।।

सौदा पक्का हुआ है आज फिर ख़ुशियों का, कीमत सिर्फ़ एक प्याली चाय और दोस्त का साथ।।

मीलों का फ़ासला था हमारे बीच,.मगर एक मुलाकात ने सारे नक्शे बदल दिए।।

झोली भरकर लाया था मैं शिकायतें ज़माने की, तूने मुस्कुराकर पूछा ‘कैसा है?’, और मैं सब भूल गया, ‘ठीक हूं’ यही बताने में।।।।

महँगी थेरेपी लेने की ज़रूरत किसे है, जब दोस्त के पास बैठकर गालियाँ सुनने का ऑप्शन हो।।

दोस्त से मुलाकात शायरी जो दोस्ती की खुशबू, पुरानी यादें और दिल से निकले एहसासों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में बयां करती है।

खून के रिश्तों से अलग एक रिश्ता कमाया है, जब भी टूटा हूँ, मैंने दोस्त को अपने पास पाया है।।

मेरे हर गुनाह, हर राज़ का वो गवाह है, दोस्त ही तो है जो मेरी चलती-फिरती पनाह है।

जादूगर तो नहीं है मेरा यार, पर मेरे उदास चेहरे पर हँसी लाना उसे बखूबी आता है।।

बिछड़ते वक़्त आँखों में नमी ज़रूर थी, पर दिल जानता था, ये कहानी का अंत नहीं, अगले चैप्टर की शुरुआत है।।

जब बरसों बाद किसी पुराने दोस्त से मुलाकात होती है तो एहसास होता है कि कुछ रिश्ते समय के मोहताज नहीं होते। ऐसे पलों में दोस्त से मुलाकात शायरी दिल की गहराइयों से निकलकर उन जज़्बातों को बयान करती है जो सीधे कह पाना आसान नहीं होता। दोस्त से मुलाकात शायरी में बीते लम्हों की खुशबू होती है। स्कूल की शरारतें, कॉलेज की रातें और वो सपने जो कभी साथ देखे गए थे। दोस्त से मुलाकात शायरी सिर्फ अल्फ़ाज़ नहीं होती बल्कि वो एहसास होती है जो यह याद दिलाती है कि सच्ची दोस्ती कभी पुरानी नहीं होती।

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में जब अपनों से मिलना भी मुश्किल हो जाता है तब दोस्त से मुलाकात शायरी उन अनमोल मुलाकातों की कद्र करना सिखाती है। दोस्त से मुलाकात शायरी में वो सुकून छुपा होता है जो किसी भी तनाव को पल भर में दूर कर देता है। यही वजह है कि दोस्त से मुलाकात शायरी हर उस इंसान के दिल को छूती है, जिसने कभी सच्ची दोस्ती निभाई हो। अंत में दोस्त से मुलाकात शायरी हमें यह एहसास कराती है कि दोस्ती ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत दौलत है जिसे शब्दों में समेटना भी एक यादगार एहसास बन जाता है।

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