School life shayari हमें उन सुनहरे पलों की याद दिलाती है जहाँ मासूमियत, दोस्ती और सपनों की पहली उड़ान शुरू होती है। स्कूल का समय हर इंसान की ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय होता है और school life shayari उन्हीं यादों को शब्दों में पिरोने का काम करती है। कभी क्लास में हँसी-मज़ाक, कभी टीचर का डाँटना तो कभी दोस्तों के साथ बिताए गए बेफिक्र पल; school life shayari इन सभी एहसासों को दिल से जोड़ देती है। यही वजह है कि school life shayari पढ़ते ही हम फिर से उसी दौर में लौट जाते हैं।
School life shayari सिर्फ अल्फ़ाज़ नहीं होती बल्कि वो एहसास होती है जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है। बचपन की शरारतें, पहली दोस्ती और छोटी-छोटी जीत और हार। इन सबको school life shayari बेहद खूबसूरती से बयान करती है। जब ज़िंदगी की भागदौड़ में थक जाते हैं तब school life shayari दिल को सुकून देती है और हमें याद दिलाती है कि स्कूल का समय कितना अनमोल था। यही कारण है कि हर उम्र के लोगों के दिल के क़रीब school life shayari हमेशा खास रहती है।
Top 30 The Best School Life Shayari For You:

Table of Contents
The Golden Days (Woh Purane Din)
सुबह की अलार्म और वो स्कूल जाने का रोना। काश मिल जाए वापस, वो क्लास में बेफिक्र सोना।।
अब तो ईमेल्स में ही सिमट गई है दुनिया सारी, वो कागज़ के जहाज़ उड़ाने की बात ही कुछ और थी प्यारी।।
उस लोहे के गेट के बाहर निकलते ही आज़ादी मिलती थी, सच कहूँ तो असली ज़िंदगी स्कूल की दीवारों में ही पलती थी।।
अब हफ़्ते गुज़र जाते हैं, पता भी नहीं चलता। तब एक रविवार के लिए, दिल छः दिन था मचलता।।
कंधों पर किताबों का बोझ तो बस एक बहाना था, असल में तो हमें दोस्तों के साथ ज़िंदगी बिताना था।।

Friendship & Tiffin (Yaari aur Dosti)
घंटी बजने से पहले जिसका टिफिन ख़त्म हो जाए। वही असली दोस्त है, चाहे टीचर कितना भी चिल्लाए, पर साथ बैठ सारा लंच चट कर जाए।
पेन, पेंसिल, रबर, सब मांग कर काम चलाते थे। रईस तो हम तब थे, जब दोस्त जेब में अठन्नी बचाते थे।।
कट्टी होकर भी टिफिन शेयर करना नहीं भूलते थे। वो स्कूल के दोस्त थे साहब, जो दिल से कभी नहीं रूठते थे।।
पढ़ाई आगे वाली बेंच पर होती थी ज़रूर, पर स्कूल के किस्से बनाने का गुरूर, बस Last Bench को ही था मंज़ूर।।
आज लोग नाम से बुलाते हैं तो अजनबी सा लगता है। सुकून तो तब मिलता था, जब दोस्तों से ‘ओये मोटे’ कह कर बुलाए जाते थे।।
Classroom Mischief (Shararatein)
कॉपी घर भूल गए, ये बहाना सबसे पुराना था। टीचर की डांट में भी, एक अलग ही याराना था।।

बोर्ड साफ़ करने की ड्यूटी भी शान से निभाते थे, मौका मिलते ही दोस्तों पर चौक फेंक कर मारते थे।।
मैथ्स के पीरियड में जब पीटी सर आते थे, कसम से, चेहरे पर १०० वाट के बल्ब जल जाते थे।।
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प्यास लगी नहीं होती थी, बस क्लास से बाहर जाना था। पूरे स्कूल का एक चक्कर लगा कर, टशन में वापस आना था।।
ब्लैकबोर्ड पर नाम लिखना, जैसे कोई सजा-ए-मौत थी, क्लास मॉनिटर से अपनी दुश्मनी भी बहुत थी।।
Teachers & Exams (Guruji aur Pariksha)
साल भर मस्ती और एग्जाम की रात को पढ़ाई किए जाते थे, हे भगवान! बस पास करा दो, यही वरदान भगवान से पूरे exam तक मांगे जाते थे।।
नंबर कम आए तो पापा के दस्तखत खुद ही बनाते थे, वो डर के पल भी, अब याद करके हंसी लाते हैं।।

कुछ टीचर डराते थे, कुछ हंसाते थे, पर जो ज़िंदगी का पाठ पढ़ा गए, वो दिल में बस जाते थे।।
घुटनों के बल बैठकर भी हम मुस्कुराते थे, सजा में भी दोस्तों के साथ आँखों से बात कर जाते थे।।
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तनख्वाह के मैसेज में वो ख़ुशी कहाँ मिलती है अब, जो ख़ुशी स्कूल की ‘आखिरी घंटी’ बजने पर मिलती थी तब।।
Crush & Innocence (Pahla Pyar)
किताब के पन्नों में नाम जिसका छुपाते थे, उसे देखने के लिए रोज़ जानबूझकर लेट आते थे।।
सालों तक जिसे यूनिफॉर्म में देखा था बस, फेयरवेल की साड़ी में उसे देख कर, थम गई थी नस।।
मोहब्बत का तो पता नहीं, पर जंग ज़रूर होती थी, जब क्लास में पेन-फाइट की प्रतियोगिता होती थी।।

दीवारों पर दिल बनाकर, तीर जो चलाते थे, नादान थे हम, जो चॉक से अमर प्रेम कहानी बनाते थे।।
उसकी साइकिल के पीछे अपनी साइकिल भगाना, यही था उस दौर का सबसे रोमैंटिक फ़साना।
The Farewell (Vidai)
सफ़ेद शर्ट पर रंग-बिरंगे पेन से लिखे वो नाम, आज भी अलमारी में महफ़ूज है वो यादों का जाम।।
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सबने कहा था ‘टच में रहेंगे’, पर रास्ते बदल गए, स्कूल छूटा, और हम ज़िंदगी की भीड़ में संभल गए।।
वो एक ग्रुप फोटो, जिसमें सब हंस रहे थे साथ, अब वही फोटो देखकर, गीले हो जाते हैं हाथ।।
बैग बदला, क्लास बदली, बदल गए सब यार, काश कोई लौटा दे, वो स्कूल वाला प्यार।।
स्कूल को जेल समझ कर, जल्दी निकलने की चाहत थी। अब समझ आया, वो जेल नहीं, जन्नत की राहत थी।।